प्यार करना चाहता हूं……

किसीं की बातों पे आज फिर ऐतबार करना चाहता हूं ,
खमोशीकी निरंतरता को बातों का शोर सुनाना चाहता हूं ,
उन्हि पुराणे रास्तोसे नई मंजिले पाना चाहता हूं ,
उसके जिंदगी के सागर में एक नाव बनना चाहता हूं ,
खेल तो बोहोत खेले आज इश्क की बाझी लगाना चाहता हूं ,
किसीं की बातों पे आज फिर ऐतबार करना चाहता हूं ………

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